विधान परिषद में अचानक भारी हंगामा: Lal Bihari Yadav के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधान परिषद में बुधवार को सत्ता पक्ष ने जोरदार हंगामा करते हुए निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया, जिससे राज्य की राजनीति में अचानक हड़कंप मच गया।
नेता सदन ने पेश किया प्रस्ताव: विधान परिषद में अनुपूरक बजट और विधायी कार्यों पर चर्चा के दौरान विवाद तब बढ़ा जब नेता सदन और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने नेता प्रतिपक्ष Lal Bihari Yadav की टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताते हुए उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया।
Lal Bihari Yadav: विधान परिषद में नोंकझोंक और सपा का वॉकआउट
विधेयक वापसी पर तीखी बहस: बुधवार दोपहर 3 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही वर्ष 2016 के मदरसे से जुड़े एक विधेयक को वापस लेने के प्रस्ताव पर सपा सदस्यों और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई, जिसके बाद सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने प्रस्ताव पारित कराया।
तल्ख टिप्पणी और राजनीतिक संग्राम: अनुपूरक बजट पर चर्चा की मांग को लेकर Lal Bihari Yadav और नेता सदन केशव मौर्य के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके दौरान नेता प्रतिपक्ष द्वारा की गई अमर्यादित टिप्पणी को सभापति ने सदन की कार्यवाही से बाहर कर दिया।
सपा का सदन से बहिर्गमन: निंदा प्रस्ताव पारित होने से ठीक पहले समाजवादी पार्टी के सभी सदस्यों ने विरोध दर्ज कराते हुए सदन की कार्यवाही से वाकआउट कर दिया, जिसके बाद सत्ता पक्ष ने ध्वनिमत से निंदा प्रस्ताव पास कराया।
बिना चर्चा पारित हुए 11 विधेयक: हंगामे और नारेबाजी के बीच विधान परिषद में अनुपूरक बजट समेत उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता संशोधन विधेयक, निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक और स्टाम्प संशोधन विधेयक जैसे 11 महत्वपूर्ण बिल बिना किसी विस्तृत चर्चा के पारित करा लिए गए।
Lal Bihari Yadav का पलटवार: सदन के बाहर आकर Lal Bihari Yadav ने आरोप लगाया कि सरकार मूल बजट का धन खर्च करने में नाकाम रही है और कई विभागों का बजट सरेंडर हो रहा है, इसी नाकामी को छिपाने के लिए विपक्ष को बोलने का मौका नहीं दिया गया।








