खूनी साजिश का पर्दाफाश: Nikhar Sablok murder case में उस वक्त सनसनीखेज मोड़ आ गया जब पुलिस ने वारदात में शामिल कुख्यात अपराधी अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। चांडिल अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) शिव प्रकाश कुमार ने प्रेसवार्ता में इस बड़ी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि की है।
हथियार और वाहन बरामदगी: पुलिसिया दबिश के दौरान गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई एक बजाज एवेंजर मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन और एक लोडेड देशी पिस्तौल (एक जिंदा कारतूस सहित) बरामद कर ली गई है। इसके बाद आरोपी को कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
24 अगस्त का खूनी मंजर: चांडिल थाना क्षेत्र के आसनबनी स्थित ‘टेंथ माइल स्टोन’ के पास 24 अगस्त को 33 वर्षीय निखार सबलोक पर बेखौफ अपराधियों ने अंधाधुंध गोलियां बरसाई थीं। जमशेदपुर के टीएमएच अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया था, जिसके बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।
SIT की ताबड़तोड़ कार्रवाई: Nikhar Sablok murder case की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी के निर्देश पर सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम पुलिस की संयुक्त एसआईटी (SIT) गठित की गई थी। टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पहले रांची से घटना में प्रयुक्त लाल रंग की आई-10 कार बरामद की थी।
सलाखों के पीछे सात मुल्जिम: Nikhar Sablok murder case में पुलिस अब तक कुल सात आरोपियों को जेल भेज चुकी है, जिसमें 2 सितंबर को पकड़े गए अशोक सिंह उर्फ राघव, सुनील रजक, रितेश सिंह, सुशील केराई, राजकुमार सिंह उर्फ प्रिंस और अंकित सिंह शामिल हैं। पुलिस ने इनसे दो पिस्टल भी जब्त की थीं।
अपराध जगत में सिंटू का इतिहास: गिरफ्तार सिंटू सिंह बेहद शातिर अपराधी है, जिस पर मानगो, बोडाम, उलीडीह और आदित्यपुर थानों में हत्या के प्रयास, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के कई संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस प्रशासन के अनुसार मामले में शामिल अन्य फरार अपराधियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।






