Uttar Pradesh Packaging Hub बनने की दिशा में एक ऐसा कदम उठा चुका है, जिसकी गूंज अब पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। किसी ने सोचा भी नहीं था कि दुनिया की दिग्गज कंपनियां इतनी तेजी से राज्य का रुख करेंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उद्योग-अनुकूल नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश अब एल्युमिनियम बेवरेज कैन और एडवांस पैकेजिंग मैन्युफैक्चरिंग का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है।
ग्लोबल दिग्गजों की दस्तक: मेरठ और उन्नाव में महा-निवेश की जमीन तैयार हो चुकी है, जहां बॉल कॉर्पोरेशन, क्राउन होल्डिंग्स और कैनपैक जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियां कुल ₹6,566 करोड़ का निवेश झोंक रही हैं। गुरुवार को क्राउन होल्डिंग्स और बॉल कॉर्पोरेशन के शीर्ष प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर इस मिशन को नई रफ्तार दी। यह रणनीतिक कदम राज्य में एक आधुनिक एल्युमिनियम पैकेजिंग इकोसिस्टम की मजबूत नींव रख रहा है।
उन्नाव में भारत का पहला प्लांट: क्राउन होल्डिंग्स की ऐतिहासिक एंट्री उन्नाव के इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMLC) में होने जा रही है, जहां कंपनी ₹2,078.44 करोड़ खर्च कर रही है। खास बात यह है कि यह भारत में क्राउन की पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है, जिसका भूमिपूजन बुधवार को पूरा हो चुका है। 40 एकड़ में फैले इस प्लांट से सालाना 116.2 करोड़ कैन का उत्पादन होगा, जिससे 209 सीधे और 1,500 से अधिक परोक्ष रोजगार मिलेंगे।
Uttar Pradesh Packaging Hub: मेरठ और उन्नाव में औद्योगिक क्रांति
मेरठ में सबसे बड़ा निवेश: बॉल कॉर्पोरेशन का मेगा प्लान पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदलने जा रहा है, जहां कंपनी ₹2,913 करोड़ के निवेश से विशाल यूनिट स्थापित करेगी। मेरठ के आईएमएलसी में करीब 40 एकड़ में लगने वाला यह प्लांट बेवरेज, एफएमसीजी और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर के लिए बड़ा सहारा बनेगा। इस कदम से न सिर्फ विदेशी तकनीक का ट्रांसफर होगा, बल्कि लोकल वेंडर्स और स्किल डेवलपमेंट को भी जबर्दस्त बढ़ावा मिलेगा।
उन्नाव में कैनपैक का धमाका: कैनपैक इंडिया की ग्रीनफील्ड यूनिट उन्नाव में ₹1,574.62 करोड़ के भारी-भरकम पूंजी निवेश के साथ धरातल पर उतरने को तैयार है। लगभग 26 हेक्टेयर भूमि पर स्थापित होने वाले इस संयंत्र की सालाना उत्पादन क्षमता 130 करोड़ कैन होगी। इस तरह Uttar Pradesh Packaging Hub के रूप में उन्नाव और मेरठ को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का एक अभेद्य किला बना देगा।
सप्लाई चेन और एमएसएमई का उभार: यूपीडा क्लस्टर्स की बड़ी सफलता ने यह सिद्ध कर दिया है कि बेहतर कनेक्टिविटी विदेशी कंपनियों को आकर्षित करने की सबसे बड़ी चाबी है। इन तीन मेगा प्रोजेक्ट्स के शुरू होने से कच्चे माल, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और ट्रांसपोर्टेशन की मांग में भारी उछाल आएगा। नतीजतन, स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को ग्लोबल वैल्यू चेन से जुड़ने का सीधा फायदा मिलेगा और हजारों युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे।






