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सोनीपत में जेबीएम के कूड़ा उठान दावों का पर्दाफाश: 110 के बदले मिलीं सिर्फ 45 गाड़ियां, हेल्पर भी नदारद, पार्षदों ने खोला मोर्चा

Sonipat Waste Collection व्यवस्था को लेकर कागजों में किए जा रहे चमचमाते दावों की धज्जियां तब उड़ गईं, जब जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करने लगी। शहर के वार्डों में गंदगी के बढ़ते अंबार और गायब गाड़ियों की शिकायतों के बीच अचानक लिए गए एक फैसले ने पूरे सिस्टम को हिला कर रख दिया। बृहस्पतिवार सुबह जिला पार्षद और निगम पार्षदों ने जब बाबा धाम के पास बने कमेटी सेंटर पर धावा बोला, तो वहां का नजारा देख हर कोई दंग रह गया।

दावों के उलट खुला बड़ा खेल: मौके पर 110 की जगह मिलीं सिर्फ 45 गाड़ियां, जबकि कंपनी की ओर से शहर भर में 110 वाहन दौड़ाने का लगातार दम भरा जा रहा था। निरीक्षण के दौरान यह खौफनाक लापरवाही सामने आई कि शहर की सफाई का जिम्मा संभालने वाली जेबीएम कंपनी के अधिकांश वाहनों से हेल्पर पूरी तरह गायब थे। सरकारी नियमों के मुताबिक हर गाड़ी पर हेल्पर होना अनिवार्य था, लेकिन मौके पर मुश्किल से दो से पांच प्रतिशत गाड़ियों में ही हेल्पर तैनात दिखे।

सड़कों पर सड़ांध और जनता का गुस्सा: Sonipat Waste Collection का यह फर्जीवाड़ा सीधे तौर पर आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ साबित हो रहा है। पार्षदों ने कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि वार्डों से लगातार आवाजें उठ रही हैं कि गाड़ियां अपने तय समय पर पहुंच ही नहीं रही हैं। हेल्पर न होने की वजह से ड्राइवर अकेले कूड़ा उठाने में असमर्थ हैं, जिससे कॉलोनियों और गलियों में कचरे का भारी ढेर जमा हो चुका है।

Sonipat Waste Collection: निगम के करोड़ों भुगतान पर उठे गंभीर सवाल

सरकारी खजाने से भुगतान पर सवाल: पार्षदों ने दागे कंपनी पर तीखे सवाल, क्योंकि नगर निगम की ओर से कंपनी को हर महीने तय शर्तों पर भारी-भरकम भुगतान किया जा रहा है। पार्षदों का सीधा कहना था कि जब फंड पूरा दिया जा रहा है और कर्मचारियों की ड्यूटी तय है, तो फिर इन वाहनों के साथ फील्ड में हेल्पर क्यों नहीं भेजे जा रहे। कंपनी की इस मनमानी से न सिर्फ नगर निगम की साख दांव पर लगी है, बल्कि स्वच्छता अभियान की भी धज्जियां उड़ रही हैं।

आर-पार की जंग का ऐलान: Sonipat Waste Collection में सुधार न होने पर अब पार्षदों ने सीधे विरोध-प्रदर्शन और आंदोलन की चेतावनी जारी कर दी है। बाबा धाम सेंटर के इस औचक निरीक्षण में जिला पार्षद संजय बडवसनिया, वार्ड-19 के पार्षद राजेश मलिक और वार्ड-17 की पार्षद सुनीता समेत कई प्रमुख जन प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने दो टूक शब्दों में कहा कि जनता के पैसों से चलने वाली यह मनमानी अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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