हैरान कर देने वाली सुरक्षा चूक:
IGI Airport Security Lapse की यह चौंकाने वाली दास्तान देश के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले हवाई अड्डे पर घटी, जिसने सुरक्षा तंत्र के होश उड़ा दिए। चार सितंबर की तड़के तीन विदेशी यात्री बिना किसी अनिवार्य इमिग्रेशन क्लियरेंस और पासपोर्ट पर एग्जिट स्टाम्प के ही दिल्ली से म्यूनिख की उड़ान भर गए।
अमृतसर से शुरू हुआ नियमों का उल्लंघन:
खतरनाक लापरवाही की शुरुआत तब हुई जब ये तीनों इतालवी नागरिक एअर इंडिया की घरेलू उड़ान (एआई-1115) से अमृतसर से दिल्ली पहुंचे। अमृतसर में ही इन्हें नियम विरुद्ध घरेलू ‘डी’ श्रेणी का बोर्डिंग पास थमा दिया गया और साथ ही लुफ्थांसा की कनेक्टिंग उड़ान (एलएच-763) का टिकट भी दे दिया गया।
IGI Airport Security Lapse: कैसे चकमा देकर पार हुआ सुरक्षा चक्रव्यूह?
गलत रास्ते से सीधे डिपार्चर एरिया में प्रवेश:
नियमों की धज्जियां उड़ते हुए इन यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय इमिग्रेशन काउंटर पर भेजने के बजाय सीधे गेट 39 स्थित इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल ट्रांसफर एरिया में जाने दिया गया। किसी भी सुरक्षाकर्मी ने उनके ‘डी’ श्रेणी बोर्डिंग पास पर ध्यान नहीं दिया और यात्री सीधे अंतरराष्ट्रीय डिपार्चर क्षेत्र में दाखिल हो गए।
एयरलाइन स्टाफ की लापरवाही से खुली पोल:
अंतिम बोर्डिंग गेट पर भारी चूक देखने को मिली जब लुफ्थांसा एयरलाइन का स्टाफ भी बिना इमिग्रेशन स्टाम्प की जांच किए यात्रियों को विमान में चढ़ने से रोक नहीं पाया। इस IGI Airport Security Lapse के दौरान एअर इंडिया के नोडल अधिकारी और 24 घंटे तैनात रहने वाली मॉनिटरिंग टीम पूरी तरह बेखबर बनी रही।
दस्तावेजों के मिलान में फूटा लापरवाही का भांडा:
रहस्य का खुलासा तब हुआ जब उड़ान म्यूनिख के लिए रवाना हो चुकी थी और बाद में कागजातों का मैनुअल मिलान किया गया। इस भयंकर IGI Airport Security Lapse को गंभीरता से लेते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एअर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों में जवाब मांगा है








