बड़ा राजनीतिक फैसला: CM Vijay Breakfast Scheme ने सत्ता संभालते ही तमिलनाडु के सियासी गलियारों में एक अप्रत्याशित और गहरा सस्पेंस खड़ा कर दिया है। सरकार ने पुरानी कल्याणकारी योजनाओं को बंद करने के बजाय एक नया और चौकाने वाला मोड़ देने का फैसला किया है।
योजना को मिली नई पहचान: मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने एमके स्टालिन के कार्यकाल की सबसे चर्चित ‘मुख्यमंत्री ब्रेकफास्ट स्कीम’ को जारी रखते हुए इसका नाम बदलकर ‘पेरुंथलैवर कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम’ रख दिया है। यह कदम राज्य में स्कूली भोजन व्यवस्था के जनक और कांग्रेस के दिग्गज नेता के. कामराज की विरासत को समर्पित किया गया है।
बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर किया नाश्ता: CM Vijay Breakfast Scheme के इस विस्तार के मौके पर मुख्यमंत्री स्वयं एक सरकारी स्कूल पहुंचे और छात्रों को अपने हाथों से खाना परोसा। जमीन पर बैठकर बच्चों के संग नाश्ता करते हुए मुख्यमंत्री की तस्वीरों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
Subheading: CM Vijay Breakfast Scheme का दायरा और बजट
लाखों नए छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ: CM Vijay Breakfast Scheme को अब व्यापक रूप देते हुए कक्षा 8वीं तक के छात्रों के लिए अनिवार्य बना दिया गया है। इस फैसले से 15,454 सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के 15.30 लाख अतिरिक्त छात्र सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।
करोड़ों रुपये का अतिरिक्त आवंटन: सरकार ने इस ऐतिहासिक विस्तार के लिए 217.63 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट आवंटित किया है। इस बढ़ोतरी के बाद राज्य सरकार का इस पूरे कल्याणकारी कार्यक्रम पर कुल वार्षिक खर्च 724 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।
नाम बदलने पर सियासत हुई तेज: डीएमके प्रवक्ता टीकेएस इलांगोवन ने तंज कसते हुए आरोप लगाया कि सरकार केवल पुरानी योजनाओं के नाम बदल रही है, जबकि टीवीके प्रवक्ता अमेरिका नारायणन ने इसे कामराज के सम्मान में लिया गया बिल्कुल सही निर्णय बताया।






