Amarnath Yatra 2026 की शुरुआत के साथ ही बाबा बर्फानी के दर्शन की चाह में जम्मू-कश्मीर के दुर्गम रास्तों पर आस्था का एक ऐसा सैलाब उमड़ पड़ा है, जिसे खराब मौसम की मार भी डिगा नहीं पा रही है। पहाड़ों पर रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश और कड़ाके की ठंड के बीच शिव भक्तों का जज्बा देखने लायक है।
बढ़ती जा रही श्रद्धालुओं की तादाद खराब मौसम पर भारी पड़ी आस्था क्योंकि बाबा अमरनाथ के जयकारों के साथ भक्त लगातार आगे बढ़ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल यात्रा के पहले चार दिनों के भीतर ही 70 हजार से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा पहुंचकर बाबा बर्फानी के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त कर चुके हैं।
रास्तों में बढ़ी भारी फिसलन पहाड़ी रास्तों पर कड़ी चुनौतियां सामने आ रही हैं, जहां लगातार हो रही बूंदाबांदी की वजह से ट्रैक पर फिसलन काफी ज्यादा बढ़ गई है। बालटाल और पहलगाम दोनों ही रूटों पर मौसम का मिजाज बार-बार बदल रहा है, लेकिन शिव भक्तों के कदम बिना रुके पवित्र गुफा की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं।
मुस्तैद है रेस्क्यू टीमें प्रशासन ने किए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना की माउंटेन रेस्क्यू टीमें (MRT) फिसलन भरे और खतरनाक रास्तों पर चौबीसों घंटे तैनात हैं, जो बुजुर्ग और थके हुए तीर्थयात्रियों को सुरक्षित रास्ता पार कराने में मदद कर रही हैं।
जम्मू बेस कैंप में भारी सुरक्षा Amarnath Yatra 2026 की सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त रखा गया है, जिसके तहत उधमपुर के जखानी चौक से लेकर मुख्य हाईवे तक चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबल तैनात हैं। दोपहर एक बजे के बाद सुरक्षा कारणों से वाहनों को कश्मीर की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है, फिर भी यात्रियों के उत्साह में कोई कमी नहीं है।






