Afghanistan Earthquake Tremors ने एक बार फिर कुदरत के उस खौफनाक चेहरे को बेनकाब कर दिया है, जिसने देखते ही देखते कई मुल्कों की धरती को बुरी तरह हिलाकर रख दिया। भारतीय समयानुसार शाम करीब 7 बजकर 4 मिनट पर अचानक जमीन के नीचे एक ऐसी हलचल हुई, जिसने लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया।
रिक्टर स्केल पर भारी तबाही भूकंप की तीव्रता ने उड़ाए होश क्योंकि इस विनाशकारी आपदा को रिक्टर पैमाने पर 6.2 मापा गया है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस भूकंप का मुख्य केंद्र अफगानिस्तान में जमीन से करीब 215 किलोमीटर की गहराई में स्थित था।
दुनिया के आठ मुल्कों में दहशत Afghanistan Earthquake Tremors का असर सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका खौफनाक दायरा बहुत बड़ा था। इस बेहद गहरे केंद्र के कारण अफगानिस्तान के साथ-साथ भारत, पाकिस्तान, चीन, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, किर्गिस्तान और तुर्कमेनिस्तान सहित कुल 8 देशों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए।
भारत में हिली धरती जम्मू कश्मीर से दिल्ली तक कांपे लोग जब अचानक शाम के समय घरों और दफ्तरों में रखे पंखे और सामान तेजी से हिलने लगे। भारत के उत्तरी इलाकों में झटके इतने जोरदार थे कि दहशत के मारे लोग अपनी जान बचाने के लिए फौरन खुले मैदानों और सड़कों की तरफ भागने को मजबूर हो गए।
गहराई ने टाला बड़ा खतरा Afghanistan Earthquake Tremors की गहराई ही वह वजह थी जिसके चलते सतह पर तबाही का मंजर उस तरह नहीं दिखा जैसी आशंका जताई जा रही थी। भूवैज्ञानिकों के अनुसार जमीन से 215 किलोमीटर नीचे केंद्र होने की वजह से झटके बहुत बड़े इलाके में फैले लेकिन उनकी विनाशकारी क्षमता थोड़ी कम हो गई।






