बहराइच में आधी रात को मिला खौफ से छुटकारा
Bahraich Leopard Trapped होने की खबर सामने आते ही ककरहा रेंज के आसपास के ग्रामीणों ने आधी रात को राहत की बड़ी सांस ली है। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के ककरहा रेंज में दहशत फैलाने वाला यह खूंखार तेंदुआ बुधवार रात लगभग 12 बजे वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में आखिरकार कैद हो गया।
दो महिलाओं की जान ले चुका था यह शिकारी
खूनी हमलों से थर्रा उठा था इलाका: ककरहा रेंज से सटे ग्रामीण इलाकों में लगातार इंसानों पर हमले हो रहे थे। अमृतपुर और धर्मपुर बेझा गांव में दो महिलाओं को इस आदमखोर हमले में अपनी जान गंवानी पड़ी थी, जिसके बाद वन विभाग ने बेझा पचासा के मजरा ढोढ़ेपुरवा गांव में दो दिन पहले पिंजरा लगाकर जाल बिछाया था।
Bahraich Leopard Trapped: शिकार के लालच में पिंजरे में फंसा तेंदुआ
आधी रात 12 बजे पिंजरे में कैद हुआ आदमखोर
बकरी का शिकार करने पहुंचा था लेपर्ड: प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) अपूर्व दीक्षित के अनुसार, पिंजरे की चौबीसों घंटे निगरानी के लिए वन कर्मियों की तैनाती की गई थी। बुधवार रात करीब 12 बजे जैसे ही तेंदुआ चारे के रूप में बंधी बकरी के शिकार के लिए आगे बढ़ा, वह सीधे पिंजरे में कैद हो गया।
पशु चिकित्सकों की टीम ने किया मेडिकल चेकअप
पूरी तरह स्वस्थ निकला नर तेंदुआ: पकड़े जाने के बाद वन कर्मी तेंदुए को तुरंत रेंज कार्यालय लेकर आए, जहां मिहींपुरवा के पशु चिकित्सकों की टीम ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। रिपोर्ट के मुताबिक पकड़ा गया नर तेंदुआ लगभग 8 से 9 वर्ष का है और पूरी तरह स्वस्थ है, जिसे उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सुरक्षित घने जंगल में छोड़ा जाएगा।
एक माह के भीतर पकड़ा गया छठा तेंदुआ
वन विभाग का बड़ा सर्च अभियान: बहराइच के अलग-अलग इलाकों में पिछले एक महीने के दौरान वन विभाग का यह छठा बड़ा ऑपरेशन है, जिसमें 19 अगस्त को ढोढ़ेपुरवा, 13 अगस्त को बाजपेईपुरवा, 11 अगस्त को दौलतपुर, 5 जुलाई को त्रिलोकीगौढ़ी, 31 जुलाई को ककरहा और 20 जुलाई को अहिरनपुरवा से तेंदुए पिंजरे में कैद किए जा चुके हैं।






