जेल के भीतर चल रहा था अवैध खेल Beur Jail Irregularities का एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने बिहार के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। पटना की आदर्श केंद्रीय कारा बेउर में कैदियों और जेल कर्मियों की मिलीभगत से प्रतिबंधित सामग्रियां वार्ड के अंदर पहुंचाई जा रही थीं। गृह विभाग की विशेष जांच रिपोर्ट के बाद इस पूरे मामले की परतें खुली हैं।
प्रतिबंधित टीवी और हीटर का हो रहा था इस्तेमाल कैदियों के वार्ड में वीआईपी सुविधाएं: जांच दल को कारागार के भीतर गंभीर Beur Jail Irregularities मिली हैं, जहां नियमों को ताक पर रखकर बंदी धड़ल्ले से टीवी और हीटर जैसी प्रतिबंधित चीजों का इस्तेमाल कर रहे थे। इतना ही नहीं, जेल के उच्च सुरक्षा कक्ष में नए तरुण कैदियों को कुख्यात अपराधियों के साथ रखा जा रहा था।
तीन कक्षपालों पर गिरी निलंबन की गाज अवैध मेस संचालन और राशन की हेराफेरी: इन गंभीर चूकों के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक उच्च कक्षपाल सहित तीन कर्मियों को निलंबित कर दिया है। उच्च कक्षपाल उमेश कुमार सिन्हा को अवैध मेस संचालन, कक्षपाल निर्मल कुमार पासवान को सरस्वती खंड से हीटर व कच्चा राशन मिलने और शिवशंकर कुमार को गोदाम में अनियमितता के लिए सस्पेंड किया गया है।
20 जून की छापेमारी में खुला था राज लगातार जारी है प्रशासनिक हंटर: जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा में यह लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, क्योंकि 20 जून को हुई विशेष छापेमारी के दौरान ही इस बड़ी Beur Jail Irregularities का सुराग मिला था। इससे पहले जेल अधीक्षक नीरज झा समेत आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों पर भी गाज गिर चुकी है।
दरभंगा और सासाराम जेल में भी कार्रवाई रिश्वतखोरी और हत्या के आरोप में एक्शन: इसके अतिरिक्त, दरभंगा मंडल कारा के सहायक अधीक्षक नन्दु चौधरी को पत्नी की हत्या व दहेज मामले में और सासाराम मंडल कारा के कक्षपाल सोनू कुमार को मुलाकाती से 500 रुपये रिश्वत मांगने तथा नशे में धुत रहने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है।






