पीएम मोदी ने बिजनेस इवेंट में किया बड़ा दावा New Zealand to Invest in India को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑकलैंड में आयोजित एक भव्य द्विपक्षीय व्यापार कार्यक्रम में दुनिया के सामने भारत की नई ताकत का लोहा मनवाया है। उन्होंने वैश्विक कॉर्पोरेट दिग्गजों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि हिंदुस्तान अब सिर्फ एक बड़ा बाजार नहीं रह गया है। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत वर्तमान में वैश्विक विकास के लिए एक मजबूत लॉन्च पैड के रूप में उभर चुका है।
आगामी 15 वर्षों में 20 अरब डॉलर का महा-निवेश आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को मिलेगी नई धार: इस ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय वार्ताओं में यह बड़ा निर्णय लिया गया कि New Zealand to Invest in India के तहत अगले 15 वर्षों के भीतर भारतीय अर्थव्यवस्था में 20 अरब डॉलर का भारी-भरकम पूंजी निवेश किया जाएगा। दोनों देशों ने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के बाद अपनी रणनीतिक साझेदारी को और अधिक प्रगाढ़ बनाने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है।
द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का महा-लक्ष्य 2030 तक व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प: प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया है कि दोनों देशों के बीच जारी इस नई आर्थिक मुस्तैदी से साल 2030 तक आपसी व्यापार दोगुना होकर 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर यानी लगभग 35,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच जाएगा। यह केवल एक वित्तीय निवेश नहीं है, बल्कि भारत की विकास यात्रा में एक वैश्विक शक्ति की दीर्घकालिक और मजबूत प्रतिबद्धता है।
इन प्रमुख क्षेत्रों में दिखेगा निवेश का बड़ा असर कृषि से लेकर डिफेंस सेक्टर तक 18 अहम समझौते: इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान रक्षा, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोध, आपदा प्रबंधन, कृषि और डिजिटल अर्थव्यवस्था सहित विभिन्न क्षेत्रों में कुल 18 महत्वपूर्ण दस्तावेजों और समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके अतिरिक्त कीवीफ्रूट के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नागालैंड और उत्तराखंड में दो विशेष उत्कृष्ट केंद्र (Centres of Excellence) भी स्थापित किए जाएंगे।
तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और विशाल मध्यम वर्ग की ताकत रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म का मूल मंत्र: पीएम मोदी ने वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करते हुए कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज रफ्तार से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था है। उन्होंने भारत के विशाल मध्यम वर्ग, बड़े पैमाने पर अपनाई जा रही डिजिटल तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को एक अनोखी विकास गाथा बताया, जो दुनिया भर के स्टार्टअप्स, एमएसएमई और युवाओं के लिए प्रगति के असीमित द्वार खोलेगी।






