सत्ता की चौखट पर बेबसी की दास्तान BJP MLA Father Land Demarcation का यह हैरान करने वाला मामला तब सामने आया, जब सत्ताधारी दल के विधायक के बुजुर्ग पिता को ही अपनी पुश्तैनी जमीन नपवाने के लिए दर-दर भटकना पड़ गया। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में स्थित देवसर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रामनिवास शाह के पिता उमा प्रसाद शाह पिछले तीन महीनों से राजस्व विभाग के दफ्तरों की धूल फांक रहे हैं।
पटवारी की मनमानी और झूठी रिपोर्ट का खेल हल्का नंबर 18 के पटवारी प्रेम शंकर मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाते हुए बुजुर्ग पिता ने बताया कि लगातार चक्कर लगवाने के बाद उल्टे यह रिपोर्ट लगा दी गई कि आवेदक खुद सीमांकन नहीं चाहता। पटवारी पर खुलेआम घूस मांगने और तहसीलदार से मिलीभगत कर आवेदन खारिज करवाने का सनसनीखेज आरोप जड़ दिया गया है।
BJP MLA Father Land Demarcation पर प्रशासनिक जांच के कड़े निर्देश
जनसुनवाई में गूंजी विधायक के पिता की फरियाद लगातार टालमटोल से तंग आकर उमा प्रसाद शाह ने मंगलवार को सीधे सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल की जनसुनवाई में अपनी गुहार लगाई। पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने मांडा के एसडीएम नंदन तिवारी को तत्काल प्रभाव से पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच सौंप दी है।
दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच की उठी मांग BJP MLA Father Land Demarcation से जुड़े इस विवाद में पीड़ित पिता ने मांग की है कि आवेदन, राजस्व रिकॉर्ड और पटवारी के आदेश-पत्रों की निष्पक्ष जांच हो ताकि सच बाहर आ सके। उन्होंने मुख्य सचिव, संभागीय आयुक्त और मानवाधिकार आयोग को भी लिखित शिकायत भेजकर व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
विपक्ष का हमला और आम जनता का दर्द इस पूरे घटनाक्रम पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सिंह चौहान ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब सत्ताधारी दल के विधायक के पिता का यह हाल है, तो फिर आम जनता की पीड़ा कौन सुनेगा। BJP MLA Father Land Demarcation का यह मामला अब सिर्फ एक जमीन का विवाद नहीं रहा, बल्कि पूरे प्रशासनिक सिस्टम की कार्यशैली पर एक बड़ा सवालिया निशान बन गया है।






