आधी रात का भयानक षड्यंत्र: Chitrakoot News से जुड़ी इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात में भरतकूप थाना क्षेत्र के रसिन गांव स्थित फाटापुरवा मजरे में 17 फरवरी 2024 की रात सोते समय रामबाबू पटेल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अगले दिन 18 फरवरी को मृतक के पिता रामशरण पटेल ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज करवाया था।
पुलिस जांच में खुला खौफनाक राज: पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह द्वारा गठित विशेष टीमों ने 27 फरवरी 2024 को मामले की परतें खोलीं। जांच में सामने आया कि मृतक की पत्नी सविता पटेल ने अपने नाबालिग प्रेमी और उसके दो साथियों बरकत अली व अफजल उर्फ फैजल के साथ मिलकर इस हत्या की साजिश रची थी।
फेसबुक पोस्ट और खूनी धमकी: सुनवाई के दौरान रामबाबू की बेटी ने अदालत को बताया कि आरोपी उसके पिता का परिचित था और उसने उसकी मां के साथ फेसबुक पर तस्वीर पोस्ट की थी। रामबाबू द्वारा विरोध और पिटाई किए जाने पर आरोपी ने उनकी पत्नी को विधवा और पूरे परिवार को अनाथ करने की धमकी दी थी।
चार्जशीट और गवाहों के बयान: पुलिस जांच टीम ने सभी साक्ष्य जुटाकर 21 मई 2024 को अदालत में लगभग 150 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार नाबालिग प्रेमी और उसके दोनों साथी बांदा जनपद के बदौसा थाना क्षेत्र के टिकुरी गांव के रहने वाले हैं तथा बालू कारोबार में काम करते थे।
अदालत का कठोर रुख: जिला जज शेषमणि ने 44 पृष्ठों के फैसले में Chitrakoot News के इस चर्चित मामले में पत्नी सविता पटेल, बरकत अली और अफजल उर्फ फैजल को दोषी ठहराया। कोर्ट ने तीनों को उम्रकैद के साथ पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई, जबकि नाबालिग प्रेमी का मामला अलग से किशोर न्यायालय में विचाराधीन है।
सामाजिक मूल्यों पर प्रहार: अदालत ने अपने ऐतिहासिक फैसले में स्पष्ट रूप से कहा कि पत्नी द्वारा साजिशन पति की हत्या कराना सामाजिक मूल्यों पर गंभीर आघात है। यह एक अत्यंत जघन्य सामाजिक अपराध है, जिसे किसी भी स्थिति में क्षमा नहीं किया जा सकता है।






