खौफनाक साजिश का पर्दाफाश: Hyderabad fake currency racket का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने एक ऐसी अंतरराष्ट्रीय स्तर की ठगी और छपाई गिरोह को बेनकाब किया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। रामोजी फिल्म सिटी के पास एक गाड़ी को रोककर पुलिस ने 6.78 करोड़ रुपये के 500 रुपये वाले नकली नोट बरामद किए।
किराए के कमरे में चल रहा था गोरखधंधा:कुंतलूर इलाके में किराए पर लिए गए एक मकान से यह पूरा नेटवर्क संचालित हो रहा था। मुख्य आरोपी यूट्यूब और सोशल मीडिया के जरिए असली नोटों को स्कैन करने, फोटोशॉप से एडिट करने और उच्च गुणवत्ता वाले प्रिंटर से छापने का काम सीखता था। छापे के दौरान पुलिस ने लैपटॉप, हाई-एंड प्रिंटर, लैमिनेशन मशीन और कटर जब्त किए हैं।
नकली पुलिस बनकर असली नोटों की लूट:यह गिरोह ग्राहकों को असली नोट के बदले तीन से चार गुना नकली करेंसी देने का झांसा देकर बुलाता था। जब ग्राहक पैसे लेकर आते, तभी गिरोह के अन्य साथी फर्जी नंबर प्लेट वाली गाड़ियों, नकली पुलिस आईडी, वॉकी-टॉकी और डमी पिस्तौल लेकर पहुंच जाते थे और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर उनका असली पैसा छीनकर फरार हो जाते थे।
चार गिरफ्तार, तीन फरार:इस मामले में पुलिस ने मडुपोजु करुणाकर, चिन्नोल्ला माणिक्य रेड्डी, चेरुकुपल्ली रत्नाकर रेड्डी और करणम अजय कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। हैदराबाद पुलिस अब जेली वेंकटेश, कुंजा बालराजू और कंपासाती श्रीनिवास की तलाश में जुटी है, जो इस रैकेट के प्रमुख सूत्रधार बताए जा रहे हैं।







