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समुद्र में भारत की ऐतिहासिक छलांग: India UAE Joint Venture से कोच्चि बनेगा दुनिया का नया शिप रिपेयर हब

एक रणनीतिक समुद्री गठजोड़: India UAE Joint Venture ने वैश्विक जलक्षेत्र में हलचल मचा दी है, जब कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड और दुबई की दिग्गज कंपनी ‘ड्रायडॉक्स वर्ल्ड’ ने 50:50 साझेदारी से दुनिया की नजरें भारत की ओर मोड़ दी हैं। यह गठबंधन कोच्चि स्थित इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी का पूरा स्वरूप बदल देगा।

विदेशी जहाजों का नया ठिकाना: शुरुआती चरण में ही यहां 80 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय जहाजों की मरम्मत की तैयारी है, जिसे आगे चलकर 6 से बढ़ाकर सीधे 16 वर्कस्टेशन तक विस्तार दिया जाएगा। अब तक रखरखाव के लिए दुबई और सिंगापुर का रुख करने वाले विशाल व्यापारिक जहाज अब सीधे भारत का जलमार्ग चुनेंगे।

India UAE Joint Venture का बहुआयामी प्रभाव

डॉलर और रोजगार की भारी बरसात: कमर्शियल वेसल्स, टैंकरों, कंटेनर कैरियर्स और ऑफशोर प्लेटफॉर्म्स की मरम्मत का यह विशाल तंत्र भारत के लिए अथाह विदेशी मुद्रा कमाने का जरिया बनेगा। इस विस्तार से देश के स्टील, भारी इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स और इलेक्ट्रिकल सिस्टम जैसे कई उद्योगों को नए पंख मिलेंगे।

69,725 करोड़ का सरकारी चक्रव्यूह: केंद्र सरकार ने देश की समुद्री क्षमता को अभेद्य बनाने के लिए चार बुनियादी स्तंभों वाली विस्तृत योजना जमीन पर उतारी है। इसमें 24,736 करोड़ की शिपबिल्डिंग फाइनेंशियल असिस्टेंस स्कीम और 25,000 करोड़ का मैरीटाइम डेवलपमेंट फंड शामिल हैं।

ग्रीनफील्ड क्लस्टर्स और नीतिगत सुधार: 19,989 करोड़ रुपये की शिपबिल्डिंग डेवलपमेंट स्कीम के तहत नए शिपबिल्डिंग क्लस्टर्स को पूंजीगत सहायता दी जा रही है। साथ ही, बड़े जहाजों को इंफ्रास्ट्रक्चर का आधिकारिक दर्जा देकर दीर्घकालिक और सस्ता कर्ज जुटाने का मार्ग खोला गया है।

स्वदेशी सामर्थ्य और भविष्य का खाका

आईएनएस विक्रांत की जन्मभूमि का पराक्रम: वही कोचीन शिपयार्ड, जिसने भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत तैयार किया था, अब नौसेना के लिए 6 ‘नेक्स्ट जेनरेशन मिसाइल वेसल्स’ बना रहा है। नौसेना का लक्ष्य साल 2035 तक 200 आधुनिक युद्धपोतों का विशाल बेड़ा तैनात करना है।

2047 तक दुनिया के शीर्ष पांच में जगह: ‘मैरीटाइम इंडिया विजन 2030’ और ‘मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047’ के तहत भारत शीर्ष वैश्विक शिपबिल्डिंग देशों में शुमार होने की राह पर है। Tamil Nadu में कोचीन शिपयार्ड और मझगांव डॉक ने 15,000 करोड़ के 10 लाख टन वार्षिक क्षमता वाले प्रोजेक्ट पर हस्ताक्षर किए हैं।

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