🌐 Language / भाषा
  • हिन्दी (Hindi)
  • বাংলা (Bengali)
  • ਪੰਜਾਬੀ (Punjabi)
  • ગુજરાતી (Gujarati)
  • मराठी (Marathi)
  • தமிழ் (Tamil)
  • తెలుగు (Telugu)
  • ಕನ್ನಡ (Kannada)
  • മലയാളം (Malayalam)
  • ଓଡ଼ିଆ (Odia)
  • اردو (Urdu)
  • অસમীয়া (Assamese)

JPSC Aspirants Silent Protest: रांची में छात्रों का मौन जुलूस, पुलिस को फूल देकर दिखाई ‘गांधीगीरी’

खामोशी का बड़ा धमाका: JPSC Aspirants Silent Protest ने मंगलवार की शाम रांची की सड़कों पर एक ऐसा खामोश तूफान खड़ा कर दिया, जिसने पूरे प्रशासनिक महकमे को सोचने पर मजबूर कर दिया। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लंबे समय से धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने अचानक मौन जुलूस निकालकर अपनी ताकत और एकजुटता का अहसास कराया।

स्टेडियम से चौक तक मार्च: इस JPSC Aspirants Silent Protest के तहत छात्र हाथ में बैनर, पोस्टर और मोबाइल की फ्लैशलाइट लिए जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से निकले। बिना किसी नारेबाजी के शांतिपूर्वक कदम बढ़ाते हुए यह जुलूस शहर के व्यस्ततम अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचा।

JPSC Aspirants Silent Protest में गांधीगीरी का अनोखा अंदाज

पुलिस को दिए फूल: इस JPSC Aspirants Silent Protest के दौरान छात्रों ने किसी प्रकार की हिंसा या हिंसक नारेबाजी के बजाय ‘गांधीगीरी’ का सहारा लिया। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को फूल सौंपकर छात्रों ने यह संदेश दिया कि उनका आंदोलन पूरी तरह से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण है।

सख्त अनुशासन की मिसाल: मार्च शुरू होने से ठीक पहले सभी अभ्यर्थियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि कोई भी छात्र न तो नारेबाजी करेगा और न ही आपस में बातचीत करेगा। बैनर और पोस्टरों पर लिखे शब्दों के जरिए ही JPSC Aspirants Silent Protest में आयोग की कथित अनियमितताओं पर तीखे सवाल दागे गए।

आंदोलन की पृष्ठभूमि: गौरतलब है कि सोमवार को छात्रों ने अपनी मांगों के समर्थन में विधानसभा मार्च किया था। इसके अगले ही दिन मंगलवार शाम करीब सात बजे JPSC Aspirants Silent Protest के माध्यम से अपने विरोध के दूसरे चरण की शुरुआत की गई।

सड़क पर लगा जाम: इस मौन प्रदर्शन और विशाल जुलूस के कारण रांची के मुख्य मार्ग (मेन रोड) पर कुछ समय के लिए भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। हालांकि, छात्रों का पूरा ध्यान केवल अपनी मांगों को निष्पक्षता से सरकार तक पहुंचाने पर ही केंद्रित रहा।

आंदोलन जारी रखने का संकल्प: अभ्यर्थियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में हुई धांधली का निष्पक्ष समाधान नहीं निकल जाता, तब तक उनका यह आंदोलन थमेगा नहीं और वे शांतिपूर्वक अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।

⚡ SHARE THIS POST

Related Posts

स्वतंत्रता दिवस पर चमके धनबाद के दो सरकारी स्कूल: कस्तूरबा गांधी विद्यालय और नरगकियारी को मिला 1-1 लाख रुपये का नकद पुरस्कार

शिक्षा में ऐतिहासिक सम्मान: Dhanbad Best Schools Cash Prize के अंतर्गत स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर जिले के दो उत्कृष्ट सरकारी विद्यालयों ने इतिहास रचते हुए शीर्ष पुरस्कार अपने…

Read more

सतलोक आश्रम हिंसा कांड: 4 साल जेल में रहने के बाद रामपाल के दामाद संजय फौजी को हाई कोर्ट से मिली जमानत

अदालत का बड़ा फैसला: Satlok Ashram Violence Case में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए जेल में बंद रामपाल के दामाद और पूर्व सैनिक संजय…

Read more

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *