Kanpur Nagar Nigam Fire की इस खौफनाक वारदात ने पूरे मोतीझील मुख्यालय परिसर को हिलाकर रख दिया है, जहां अचानक लगी भीषण आग के बाद फाइलों के जलने से चारों तरफ हड़कंप मच गया है।
महापौर का औचक निरीक्षण: गुरुवार को नगर निगम मुख्यालय के मार्ग प्रकाश व लेखा विभाग के संयुक्त कार्यालय में आग लगने की घटना के बाद शनिवार को महापौर प्रमिला पांडेय, अपर नगर आयुक्त अनूप कुमार और मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी रीता सचान के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने जले हुए दस्तावेजों और दफ्तर की स्थिति का गहनता से जायजा लिया।
दस्तावेजों का भारी नुकसान: इस भीषण Kanpur Nagar Nigam Fire हादसे में जोन चार के मकानों से जुड़े पुराने दस्तावेजों से भरी एक अलमारी और बाहर रखी फाइलें जलकर खाक हो गई हैं। इसके साथ ही मार्ग प्रकाश विभाग की लाइटें खरीदने से जुड़े और लेखा विभाग के कई महत्वपूर्ण दस्तावेज पानी से पूरी तरह भीग गए हैं।
पुराने गृहकर रिकॉर्ड्स प्रभावित: अफसरों के मुताबिक, छह साल पहले जोन चार का कार्यालय रामकृष्ण नगर में स्थानांतरित हो चुका है, इसलिए मुख्य और नए दस्तावेज सुरक्षित हैं। हालांकि, यहाँ रखी पुरानी अलमारी में दाखिल खारिज, मकानों के तय गृहकर और पुरानी जनसंपर्क विभाग की शिकायतों से जुड़े दस्तावेज जल गए हैं।
शॉर्ट सर्किट से भड़की आग: शुरुआती जांच में सामने आया है कि दफ्तर में लगे एयर कंडीशनर (AC) में हुए शॉर्ट सर्किट की वजह से यह Kanpur Nagar Nigam Fire हादसा हुआ। आग इतनी तेजी से फैली कि कार्यालय का पूरा फर्नीचर और गैलरी में रखा सामान जलकर पूरी तरह से नष्ट हो गया।
बागी पार्षदों ने उठाए सवाल: इस पूरी घटना के बाद भाजपा के बागी पार्षद विकास जायसवाल, आलोक पांडेय और हरी स्वरूप तिवारी ने मामले पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्षदों का आरोप है कि अफसर मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए एक विशेष टीम बनाकर इसकी निष्पक्ष जांच की जाए।
जांच रिपोर्ट और कार्रवाई: नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के सख्त आदेश के बाद अपर नगर आयुक्त अनूप कुमार इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं। मार्ग प्रकाश विभाग ने अपनी प्राथमिक रिपोर्ट में दस्तावेजों के सुरक्षित होने का दावा किया है, जबकि लेखा विभाग जल्द ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगा।






