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Muzaffarnagar Bonded Laborers Tortured: मुजफ्फरनगर में बंधक मजदूरों को दी रोंगटे खड़े करने वाली यातनाएं, शरीर को पेचकस से गोदा!

नरक से भी बदतर जिंदगी की दास्तान

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक ऐसी डरावनी वारदात सामने आई है जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। तितावी थाना क्षेत्र के बघरा (मंडी) गांव में चल रही एक दोना-पत्तल बनाने की फैक्ट्री से पुलिस ने छापेमारी कर कुल 13 बंधक मजदूरों को छुड़ाया है। इस खौफनाक कांड के उजागर होने के बाद Muzaffarnagar Bonded Laborers Tortured की ऐसी भयानक कहानी सामने आई है, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इन बेबस मजदूरों को करीब डेढ़ साल से बंधक बनाकर रखा गया था, जहां उन्हें भरपेट खाना तक नसीब नहीं होता था।

पेचकस और गर्म सलाखों का खूनी सितम

इस रोंगटे खड़े करने वाले मामले की जांच में पुलिस के सामने Muzaffarnagar Bonded Laborers Tortured के जो सबूत आए हैं, वो किसी क्रूरता की सारी हदें पार करते हैं। जोधपुर, राजस्थान के रहने वाले विक्रम नाम के एक साहसी मजदूर ने किसी तरह फैक्ट्री की दीवार फांदकर भागने में कामयाबी हासिल की और तितावी थाने पहुंचकर पूरी आपबीती सुनाई। एसएसपी संजय वर्मा के निर्देश पर गठित टीम ने जब फैक्ट्री पर छापा मारा तो वहां का मंजर देखकर पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए। पकड़े गए आरोपियों द्वारा मजदूरों को सुबह 4 बजे से रात 12 बजे तक जबरन काम कराया जाता था और जरा सी भी लापरवाही या बीमारी की हालत में उनके शरीर को पेचकस से गोदा जाता था, गर्म लोहे की सलाखों, पंखे के बेल्ट और डंडों से बेरहमी से पीटा जाता था।

पहचान मिटाकर मौत के मुंह में धकेलने की साजिश

पुलिस की शुरुआती तफ्तीश बताती है कि इस सुनियोजित Muzaffarnagar Bonded Laborers Tortured नेटवर्क के पीछे एक बेहद खतरनाक गिरोह काम कर रहा था। आरोपी इन सीधे-सादे मजदूरों को रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों से अच्छे वेतन, भोजन और रहने का लालच देकर लाते थे। फैक्ट्री में कदम रखते ही सबसे पहले उनके मोबाइल फोन और आधार कार्ड जैसे जरूरी पहचान पत्र छीनकर जला दिए जाते थे, ताकि वे अपने परिवार से कोई संपर्क न कर सकें। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अंकित बालियान के पिता प्रदीप बालियान और सुपरवाइजर शिवा त्यागी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी अभी फरार है। पुलिस को यह भी अंदेशा है कि अत्यधिक प्रताड़ना और इलाज न मिलने के कारण कुछ मजदूरों की पहले ही मौत हो चुकी है, जिसकी गहनता से जांच की जा रही है।

UP के Muzaffarnagar में बंधुआ बनाकर मजदूरों का शोषण और जानलेवा हमला

यह वीडियो मुजफ्फरनगर की दोना-पत्तल फैक्ट्री में मजदूरों को बंधक बनाकर दी गई गंभीर यातनाओं, पुलिस की छापेमारी, आरोपियों की गिरफ्तारी और इस पूरे क्रूर कांड के जमीनी घटनाक्रम को विस्तार से समझाने के लिए बेहद प्रासंगिक है।

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