सियासी गलियारों में बड़ा भूचाल: Parandur Airport Project को लेकर तमिलनाडु की राजनीति में उस वक्त अप्रत्याशित मोड़ आ गया, जब राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना को पूरी तरह निरस्त करने का ऐलान कर दिया। राजधानी चेन्नई से लगभग 70 किलोमीटर दूर कांचीपुरम जिले में प्रस्तावित इस ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के खिलाफ स्थानीय किसान और ग्रामीण लंबे समय से आंदोलनरत थे।
किसानों के समर्थन में सरकार: सीएम विजय का सख्त रुख सामने आया और उन्होंने स्पष्ट किया कि औद्योगिक विकास कभी भी किसानों के कल्याण और उपजाऊ बहुफसली भूमि की कीमत पर नहीं हो सकता। उन्होंने अक्टूबर 2024 में विक्रवांडी की जनसभा में जनता से किए अपने वादे को दोहराते हुए आंदोलनकारियों के साथ खड़े रहने की प्रतिबद्धता जताई।
Parandur Airport Project पर TVK और DMK आमने-सामने
विधानसभा में भारी टकराव: विपक्ष की तीखी चेतावनी के बाद माहौल गरमा गया है, जहां पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके ने सरकार के इस कदम पर सवाल उठाए हैं। डीएमके के वरिष्ठ नेता दुरईमुरुगन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार पिछली फाइलों को सार्वजनिक नहीं करती है, तो वे सदन में मुख्यमंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पेश करेंगे।
वैकल्पिक जमीन की तलाश: जलाशयों की सुरक्षा प्राथमिकता बताते हुए टीवीके नेता सीटीआर निर्मल कुमार ने पुष्टि की है कि जलस्रोतों और खेती को नुकसान पहुंचाए बिना अन्य स्थानों की समीक्षा जारी है। गौरतलब है कि अप्रैल 2025 में नागरिक उड्डयन मंत्रालय से सैद्धांतिक मंजूरी प्राप्त इस विवादित Parandur Airport Project को निरस्त कर विजय सरकार ने चुनावी वादे पर मुहर लगा दी है।






