Prayagraj NEET student suicide केस की दर्दनाक दास्तां
सन्नाटे में गूंजी गोली की आवाज
Prayagraj NEET student suicide की यह हृदयविदारक घटना झूंसी थाना क्षेत्र के त्रिवेणीपुरम कॉलोनी की है, जहां 18 वर्षीय छात्रा रितु शर्मा ने आधी रात को खौफनाक कदम उठा लिया।
सफलता के बाद भी गहराया अवसाद
रितु ने कड़ी मेहनत से परीक्षा पास की थी और उसे मीरजापुर का मेडिकल कॉलेज आवंटित हुआ था, लेकिन शुरुआती दो राउंड की काउंसलिंग में दाखिला न मिलने से वह खुद को पूरी तरह असफल मान बैठी।
पिता की लाइसेंसी पिस्टल से दागी गोली
कमरे में पढ़ाई करते समय रविवार देर रात करीब 12 बजे रितु ने अपने पिता देवराज शर्मा (एनएचएआई से सेवानिवृत्त इंजीनियर) की लाइसेंसी पिस्टल से अपनी कनपटी पर गोली मार ली।
बंद दरवाजे के पीछे खौफनाक मंजर
सोमवार शाम करीब 5:30 बजे जब मां अमौती शर्मा के आवाज देने पर भी कमरा नहीं खुला, तो परिजनों ने खिड़की के रास्ते अंदर झांककर देखा जहां रितु खून से लथपथ फर्श पर पड़ी थी।
छह पन्नों का मार्मिक सुसाइड नोट
सूचना पाकर एसीपी अरुण पराशर, पुलिस बल और फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे, जहां उन्हें अंग्रेजी में लिखा छह पन्नों का एक भावुक सुसाइड नोट बरामद हुआ।
सॉरी मम्मी-पापा, मैं मानसिक रोगी हो गई हूं
सुसाइड नोट में छात्रा ने अपनी पीड़ा बयां करते हुए लिखा था कि वह मानसिक रोगी बन चुकी है और जीवन में कभी कुछ अच्छा नहीं कर पाएगी, इसलिए वह यह दुनिया छोड़ रही है।
किस्मत का सबसे क्रूर मोड़
जिस Prayagraj NEET student suicide ने पूरे परिवार को तोड़ दिया, उसकी सबसे दर्दनाक हकीकत तब सामने आई जब सोमवार शाम तीसरी काउंसलिंग लिस्ट जारी हुई और उसमें रितु का नाम चयनित था।






