Purvanchal Expressway Barrier Issues ने रोका ग्रामीणों का रास्ता, कई किलोमीटर घूमने को मजबूर
अचानक बढ़े फिक्स बैरियर ने बढ़ाई आफत Purvanchal Expressway Barrier Issues के कारण सुलतानपुर के जयसिंहपुर क्षेत्र में नियमों के विपरीत सर्विस मार्ग पर लगाए गए फिक्स बैरियर से किसानों और स्कूली बच्चों की मुश्किलें बेहद बढ़ गई हैं।
स्कूली बसों का रास्ता पूरी तरह ठप सबसे बड़ी परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है क्योंकि बैरियर की वजह से मिनी बसें नहीं निकल पा रही हैं और उन्हें कई किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
अभिभावकों की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक चोट दूरी बढ़ने के कारण अब बच्चों की स्कूल बसों का किराया बढ़ने का खतरा मंडराने लगा है, जिससे स्थानीय अभिभावकों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ना पूरी तरह स्वाभाविक है।
किसानों का कृषि कार्य बुरी तरह प्रभावित Purvanchal Expressway Barrier Issues ने धान की रोपाई के इस सबसे व्यस्त समय में किसानों की कमर तोड़ दी है, क्योंकि ट्रैक्टर-ट्राली का मुख्य आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है।
अतिरिक्त दूरी तय करने की मजबूरी छतरी वाले ट्रैक्टर और मालवाहक वाहनों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अब करीब तीन से चार किलोमीटर तक की अतिरिक्त दूरी तय करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
बैरियर की कम ऊंचाई बनी बड़ी मुसीबत ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि इस फिक्स बैरियर की ऊंचाई इतनी कम रखी गई है कि सामान्य ट्रैक्टर पर लगी सुरक्षा छतरी भी इसके नीचे से पार नहीं हो पाती।
शादी-ब्याह और घरेलू सामान ले जाना मुश्किल गिट्टी-मोरंग, मिनी बसें और घरेलू सामान जैसे बेड, आलमारी या सोफा ले जाने वाले वाहनों को अब पूरे नौ किलोमीटर घूमकर दूसरे लंबे रास्ते से जाना पड़ रहा है।
इन प्रमुख गांवों के लोग हुए परेशान चांदपुर से फुलौना तक बने इस सीधे सर्विस मार्ग से देवपरापार, खपराडीह, रामनाथपुर, कर्मदासपुर, परसा परसडा, सारंगपुर बेलगरा, अरवल कीरीकरवत, गौरा और खरसोमा के ग्रामीण सीधे प्रभावित हुए हैं।
व्यापारियों और दैनिक यात्रियों में गहरा रोष स्थानीय निवासी धनश्याम निषाद, रामभवन पाल, सालिकराम, कालिका प्रसाद, सन्तप्रसाद और फौजदार ने कहा कि सर्विस मार्ग का मुख्य उद्देश्य ही इस बैरियर के कारण खत्म हो गया है।
लंबे रूट से चलने को मजबूर वाहन Purvanchal Expressway Barrier Issues के चलते यदि कोई बड़ा वाहन कूरेभार से सेमरी जाना चाहता है, तो उसे सीधे पांच किलोमीटर के बजाय अब दस किलोमीटर दूर पीढ़ी होकर जाना पड़ता है।
प्रशासन ने हादसों को रोकने का दिया हवाला पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के एमडी इमरान खान ने स्पष्ट किया कि किलोमीटर 135 परसा के पास भारी वाहनों के कारण लगातार जानलेवा हादसे हो रहे थे और एक महीने में छह मौतें हो चुकी थीं।
उपजिलाधिकारी के निर्देश पर हुई कार्रवाई हादसों पर लगाम लगाने के लिए ही उपजिलाधिकारी के कड़े निर्देश पर यहां सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह स्थाई ब्रेकर बैरियर स्थापित किया गया है, जिससे भारी वाहनों को रोका जा सके।






