Sabarimala Gold Theft Case में विशेष जांच दल (SIT) ने गुरुवार को एक बहुत बड़ा कदम उठाते हुए त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (TDB) के पूर्व अध्यक्ष PS Prashanth को हिरासत में ले लिया है। तिरुअनंतपुरम स्थित उनके आवास से हुई इस कार्रवाई के बाद से ही प्रशासनिक और धार्मिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
अधिकारियों से कड़ी पूछताछ: SIT केवल पूर्व अध्यक्ष तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह पूर्व TDB सदस्य Aji Kumar और थिरुवभारणम (पवित्र आभूषण) आयुक्त R. Rejilal से भी लगातार पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां भगवान अयप्पा मंदिर से गायब हुए सोने से जुड़े हर तार को खंगालने में जुटी हुई हैं।
इलेक्ट्रोप्लेटिंग और गायब सोना: Sabarimala Gold Theft Case की जांच कर रही SIT मुख्य रूप से दो घटनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इनमें द्वारपालक (रक्षक देवता) मूर्तियों और मुख्य गर्भगृह (श्रीकोविल) के दरवाजों के इलेक्ट्रोप्लेटिंग के दौरान सोने की कथित चोरी का मामला शामिल है।
Sabarimala Gold Theft Case में केरल हाई कोर्ट तक पहुंची SIT की जांच
सितंबर 2025 का मामला जांच से जुड़ा: SIT ने हाल ही में केरल हाई कोर्ट को सौंपी अपनी रिपोर्ट में बताया कि 2025 में हुए इलेक्ट्रोप्लेटिंग कार्य में हुई सोने की चोरी को भी अब द्वारपालक मूर्ति मामले के साथ जोड़ दिया गया है। गौरतलब है कि PS Prashanth वर्ष 2023 से 2025 तक बोर्ड के अध्यक्ष पद पर तैनात थे।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और जांच का दायरा: पूर्व में कांग्रेस नेता रहे PS Prashanth बाद में CPI(M) में शामिल हो गए थे। हाई कोर्ट के कड़े रुख के बाद SIT अब 2019 और सितंबर 2025 के बीच मंदिर के पवित्र आभूषणों और सोने के रखरखाव में हुई अनियमितताओं की परतें खोलने में जुटी है।






