Vaibhav Suryavanshi ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी-20 मुकाबले में मैदान पर उतरते ही वो कारनामा कर दिखाया, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। समस्तीपुर के इस 15 वर्षीय युवा सनसनी ने महज 18 गेंदों में अपना तूफानी अर्धशतक पूरा कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की दुनिया को हिलाकर रख दिया।
19 गेंदों में तबाही: मैदान पर चौकों और छक्कों की बरसात करते हुए Vaibhav Suryavanshi ने 19 गेंदों पर 50 रनों की आक्रामक पारी खेली। 263 के धमाकेदार स्ट्राइक रेट से खेलते हुए उन्होंने अपनी इस पारी में चार गगनचुंबी छक्के और चार शानदार चौके जड़े।
सचिन का रिकॉर्ड ध्वस्त: इस विस्मयकारी पारी के साथ Vaibhav Suryavanshi ने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना विश्व रिकॉर्ड पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। सचिन ने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ 16 साल 213 दिन की उम्र में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक बनाया था, जबकि वैभव ने यह मील का पत्थर महज 15 साल 118 दिन की उम्र में हासिल कर लिया।
Vaibhav Suryavanshi Record: खराब दौर के बाद धमाकेदार वापसी और जीत
शानदार पलटवार: इंग्लैंड के खिलाफ पिछली तीन पारियों में केवल 14, 13 और 15 रन बनाकर संघर्ष करने वाले Vaibhav Suryavanshi ने आलोचकों को अपने बल्ले से करारा जवाब दिया। जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर बिना किसी दबाव के हमला बोलते हुए उन्होंने टीम को एक विस्फोटक और मजबूत शुरुआत दिलाई।
इशान किशन के साथ साझेदारी: लक्ष्य का पीछा करते हुए Vaibhav Suryavanshi की आक्रामक बल्लेबाजी के साथ-साथ पटना के इशान किशन ने भी 24 गेंदों में 35 रनों का अहम योगदान दिया। दोनों की आतिशी बल्लेबाजी के दम पर भारत ने जिम्बाब्वे द्वारा दिए गए 126 रनों के लक्ष्य को सिर्फ 13.2 ओवरों में आसानी से हासिल कर लिया।
दिग्गजों की सूची में शीर्ष: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास में सबसे कम उम्र में अर्धशतक जमाने के मामले में Vaibhav Suryavanshi अब सचिन तेंदुलकर, शाहिद अफरीदी और मुश्ताक मोहम्मद जैसे महान दिग्गजों को पीछे छोड़कर शीर्ष स्थान पर काबिज हो चुके हैं।






