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Skill Development Centers of Excellence से बदलेगी देश के युवाओं की तकदीर

कौशल विकास नीति में सरकार का अब तक का सबसे बड़ा बदलाव Skill Development Centers of Excellence की स्थापना का दूरगामी प्रस्ताव केंद्र सरकार ने 12 वर्षों के अथक प्रयासों के बाद भी स्किल ट्रेनिंग के मनमाफिक और अपेक्षित परिणाम न मिलने के कारण तैयार किया है। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने अब पारंपरिक और अस्थाई सेंटरों की जगह देश में पूर्णतः स्थाई और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने की तैयारी कर ली है।

अस्थाई और गैर-मानक प्रशिक्षण केंद्रों की होगी पूर्ण छुट्टी Skill Development Centers of Excellence नीति के आने से देश में चल रहे अस्थाई प्रशिक्षण केंद्रों, ट्रेनिंग की खराब गुणवत्ता और उद्योगों की जरूरतों से मेल न खाने वाले गैर-मानक पाठ्यक्रमों की पुरानी चुनौतियां हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगी। मंत्रालय द्वारा जारी नई गाइडलाइंस के मुताबिक अब केवल बेहद कड़े और उच्च मानकों पर खरे उतरने वाले चुनिंदा स्थाई स्किल सेंटरों को ही मान्यता दी जाएगी।

छह विशेष और उभरते हुए सेक्टर्स पर रहेगा मुख्य फोकस Skill Development Centers of Excellence को देश के अलग-अलग राज्यों में उनकी भौगोलिक स्थिति के आधार पर वन-स्टॉप स्किलिंग हब के रूप में पूरी तरह अपग्रेड किया जाएगा। इसके तहत मुख्य रूप से हैवी इंडस्ट्री, इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, हेल्थकेयर, एमएसएमई और डिजिटल-ग्रीन जैसे छह सबसे आधुनिक और मांग वाले क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय स्तर की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जाएगी।

सरकारी और निजी संस्थान भी कर सकेंगे आवेदन Skill Development Centers of Excellence के रूप में खुद को सूचीबद्ध करवाने के लिए देश के सभी योग्य सरकारी और प्राइवेट आईटीआई, पॉलिटेक्निक कॉलेज तथा बड़े उद्योग समूहों द्वारा संचालित संस्थान आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को कोर्स के बाद बेहतर मेंटरशिप, करियर काउंसिलिंग और 100 प्रतिशत जॉब प्लेसमेंट ट्रैकिंग की गारंटी भी देनी होगी।

चार शक्तिशाली केंद्रीय समितियां करेंगी कड़ी निगरानी Skill Development Centers of Excellence के शानदार और पारदर्शी प्रदर्शन को बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार के शीर्ष स्तर से चार अलग-अलग प्रशासनिक समितियां बनाई गई हैं। कौशल विकास मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में बनी स्टीयरिंग कमेटी से लेकर प्रोजेक्ट टास्क फोर्स तक इन सभी सेंटरों की ट्रेनिंग और विश्वसनीयता की लगातार और बारीक निगरानी करेंगी।

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