सनसनीखेज साजिश का खुलासा: टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं, जहां अब लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के प्रमुख अमेरिकी ऑपरेटिव रणदीप मलिक की सीधी भूमिका सामने आ रही है। हालांकि सोशल मीडिया पर गैंगस्टर अनिल पंडित ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है, लेकिन जांच एजेंसियों का मुख्य फोकस पर्दे के पीछे बैठे मलिक पर ही बना हुआ है।
जेल में बंद बिश्नोई भाइयों से पूछताछ: सूत्रों के मुताबिक रणदीप मलिक को लॉरेंस और उसके भाई अनमोल दोनों का बेहद करीबी माना जाता है। अनमोल फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है, जबकि लॉरेंस गुजरात की जेल में कैद है। इस मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस बहुत जल्द दोनों भाइयों से कड़ाई से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में सिंडिकेट का गहरा कनेक्शन
शूटरों की पुरानी कड़ियां उजागर: टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस की जांच में सामने आया है कि अनिल पंडित और शूटर रेहान कुछ महीने पहले तक रणदीप मलिक के अधीन ही काम करते थे। रेहान को इससे पहले भी मलिक और पंडित द्वारा हरियाणा के सोनीपत में एक फायरिंग की वारदात को अंजाम देने के लिए भेजा गया था।
अमेरिकन ड्रीम का खतरनाक दांव: जांच एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि शूटर रेहान को भी उसी ‘अमेरिकन ड्रीम’ का लालच दिया गया था, जो मलिक ने पहले पंडित को दिखाया था। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के कुछ महीने बाद पंडित को डंकी रूट के जरिए कैलिफोर्निया भेजा गया था, जिसे दिखाकर गिरोह नए युवाओं को अपराध की दुनिया में भर्ती करता था।
डब्बा कॉल्स और हाई-लेवल ट्रेनिंग: अनिल पंडित पिछले साल तक मलिक के निर्देश पर छिपे हुए वीओआईपी (डब्बा कॉल्स) का नेटवर्क संभाल रहा था, जिसकी ट्रेनिंग खुद मलिक ने दी थी। हालांकि कुछ समय पहले पंडित को गिरोह में स्वतंत्र भूमिका देकर अनमोल बिश्नोई के गुट से जोड़ा गया था, जिससे सिंडिकेट का दायरा और बढ़ गया।
प्लानिंग और टारगेट का मास्टरमाइंड: सिंडिकेट के भीतर रणदीप मलिक को सीनियर टियर में रखा गया है, जिसका मुख्य काम बड़ी प्लानिंग बनाना और टारगेट तय करना होता है। इसी वजह से टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस से जुड़े स्क्रीनशॉट्स में रणदीप मलिक और अनमोल बिश्नोई दोनों के नाम प्रमुखता से सामने आए हैं।






