रहस्यमयी हलचल और जमीन अधिग्रहण: UP Link Expressway को लेकर उत्तर प्रदेश के फतेहगढ़ और आसपास के इलाकों में अचानक प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिससे वर्षों से अटका बड़ा सपना अब हकीकत बनने की राह पर है। विशेष शिविर लगाकर प्रशासन ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए अब तक लगभग 90 प्रतिशत जमीन का बैनामा करा लिया है।
कैबिनेट का सख्त अल्टीमेटम: UP Link Expressway के निर्माण कार्य को लेकर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में कड़े दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। निर्माण एजेंसी का चयन होते ही काम को हर हाल में 3 वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके बाद संबंधित एजेंसी को अगले 5 वर्षों तक सड़क के अनुरक्षण की पूरी जिम्मेदारी निभानी होगी।
UP Link Expressway का सटीक रूट और कनेक्टिविटी
सवायजपुर से कुदरेल तक फैलेगा जाल: UP Link Expressway करीब 90 किलोमीटर लंबा तैयार किया जा रहा है, जो मध्य उत्तर प्रदेश के यातायात परिदृश्य को पूरी तरह बदलने का दम रखता है। यह एक्सप्रेसवे हरदोई जनपद के सवायजपुर के समीप गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा और दूसरी ओर इटावा के कुदरेल के पास आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे में जाकर मिल जाएगा।
बुंदेलखंड तक सीधा रास्ता: UP Link Expressway न केवल दो विशाल एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ेगा, बल्कि इससे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के लिए भी एक सीधा और सुगम कनेक्टिविटी रूट खुल जाएगा। इस 90 किलोमीटर लंबे गलियारे के निर्माण के लिए सरकार की ओर से करीब 7,488 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट पहले ही स्वीकृत किया जा चुका है।
सफर होगा आसान और तेज: UP Link Expressway के पूर्ण होते ही देश के प्रमुख महानगरों, धार्मिक स्थलों और आर्थिक केंद्रों तक की यात्रा का समय घटकर आधा रह जाएगा। बाकी बची 10 प्रतिशत जमीन को लेकर भी प्रशासन स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं ताकि परियोजना में किसी प्रकार का अवरोध न आए।






