ड्यूटी पर रील्स का खेल खत्म: सोशल मीडिया कोड सरकारी दफ्तरों की कार्यशैली में एक अप्रत्याशित और बड़ा बदलाव लाने जा रहा है, जिससे कर्मचारियों की वर्षों पुरानी बेपरवाह आदतों पर अचानक ब्रेक लग सकता है। सरकारी तंत्र में अधिकारियों द्वारा ऑन-ड्यूटी पर्सनल रील्स, वीडियोज और स्टोरीज पोस्ट करने की बढ़ती प्रवृत्ति ने अब शीर्ष नेतृत्व के कान खड़े कर दिए हैं।
पीएम मोदी ने दिए कड़े निर्देश: पीएम नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ नौकरशाहों के साथ अहम बैठक के दौरान इस नए कोड को अमल में लाने की संभावना तलाशने का स्पष्ट निर्देश दिया है। कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन द्वारा भेजे गए आधिकारिक संदेश के अनुसार, कार्यस्थल पर सोशल मीडिया के दुरुपयोग को कड़ाई से सीमित करने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
पुराने आचरण नियमों की सीमा: सोशल मीडिया कोड की जरूरत इसलिए सबसे ज्यादा महसूस की जा रही है क्योंकि मौजूदा आचरण नियम दशकों पुराने हैं, जब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का कोई वजूद ही नहीं था। मौजूदा नियमों में स्पष्ट प्रावधानों की कमी के कारण अधिकारी कार्यस्थलों पर घंटों रील्स देखते और खुद का महिमामंडन करते नजर आते हैं।
पद के महिमामंडन पर लगेगा अंकुश: सख्त आचार संहिता का दायरा तय होने के बाद कोई भी अधिकारी अपने पद, वर्दी या सरकारी कामकाज को सोशल मीडिया पर निजी लाभ और लोकप्रियता के लिए नहीं भुना सकेगा। सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारियों का भी मानना है कि कार्यालयीन अनुशासन बहाल करने के लिए इस नियमावली का आना बेहद जरूरी हो चुका था।
एक भारत पोर्टल की सौगात: नागरिकों की सहूलियत का मिशन साधते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय को ‘एक भारत’ पोर्टल तेजी से विकसित करने का जिम्मा सौंपा गया है। इस महत्वाकांक्षी पहल के लागू होते ही जनता को दर्जनों वेबसाइट्स और पासवर्ड्स के झंझट से मुक्ति मिलेगी और सभी सरकारी सेवाओं का लाभ केवल एक सिंगल लॉगिन से संभव हो सकेगा।






