रहस्यमयी मौत का खौफनाक मंजर
Bengaluru 5 Star Hotel Electrocution कांड ने उस वक्त पूरे शहर को दहला दिया जब शुक्रवार शाम को एक आलीशान 24 मंजिला इमारत चीखों से गूंज उठी। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि सुकून के चंद पल बिताने उतरे मेहमान कभी वापस जिंदा नहीं लौटेंगे। लग्जरी होटल कॉनराड की तीसरी मंजिल पर स्थित स्विमिंग पूल अचानक एक जानलेवा जाल में तब्दील हो गया।
स्विमिंग पूल में पसरा मातम
Bengaluru 5 Star Hotel Electrocution में जान गंवाने वालों की शिनाख्त जर्मनी और स्लोवाकिया के नागरिकों के तौर पर हुई है। जर्मन नागरिक 57 वर्षीय अलेक्जेंडर मैक्सिमिलियन थीस लुफ्थांसा एयरलाइंस में क्रू मेंबर थे। वहीं स्लोवाकिया के 45 वर्षीय जुराज होर्वाट टेक दिग्गज कंपनी आईबीएम में बतौर प्रोजेक्ट मैनेजर कार्यरत थे।
जिंदगी बचाने की जद्दोजहद में घायल
घटना के वक्त पानी में छटपटाते लोगों को बचाने के लिए 41 वर्षीय अमेरिकी नागरिक मैथ्यू डेसैंटिस और 28 वर्षीय भारतीय पूल अटेंडेंट राहुल तिवारी तुरंत आगे बढ़े। दोनों राहत कार्य के दौरान गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को फौरन मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है।
लापरवाही और बेंगलुरु 5 स्टार होटल इलेक्ट्रोक्यूशन की जांच
प्रबंधन की चुप्पी और गहराता सस्पेंस
Bengaluru 5 Star Hotel Electrocution के बाद हिल्टन ग्रुप के इस लग्जरी होटल ने शनिवार सुबह वेबसाइट पर पूल को 31 अक्टूबर से 30 नवंबर तक रखरखाव के लिए बंद करने का नोटिस लगा दिया। जिस होटल में एक रात ठहरने का किराया 25 हजार रुपये से शुरू होता है, वहां सुरक्षा के ऐसे जानलेवा इंतजामों पर अब तक होटल प्रबंधन ने चुप्पी साध रखी है।
पुलिसिया जांच में उलझे सवाल
Bengaluru 5 Star Hotel Electrocution मामले में स्थानीय पुलिस ने केस दर्ज कर तकनीकी पहलुओं और वायरिंग की गहन जांच शुरू कर दी है। पानी के भीतर अचानक हाई वोल्टेज करंट कैसे पहुंचा और अर्थिंग सिस्टम क्यों फेल हुआ, इन अनसुलझे सवालों के जवाब तलाशने में फॉरेंसिक टीम जुटी हुई है।







