रसोई गैस उपभोक्ताओं पर मंडराया संकट: Gas eKYC Deadline को लेकर बिहार भर के लाखों परिवारों की धड़कनें तेज हो गई हैं। अगर आपने 16 अगस्त की तय समय सीमा तक यह जरूरी काम पूरा नहीं किया, तो आपके खाते में आने वाली सरकारी सब्सिडी तुरंत प्रभाव से बंद हो सकती है।
28 लाख से अधिक खाते अधर में: Gas eKYC Deadline से ठीक पहले सामने आए आंकड़ों ने तेल कंपनियों के होश उड़ा दिए हैं। राज्य में कुल 1.09 करोड़ घरेलू एलपीजी कनेक्शनों में से करीब 80 लाख लोग ही सत्यापन करा सके हैं, जबकि 28.50 लाख उपभोक्ताओं की जांच अभी भी अधर में लटकी हुई है।
घर बैठे मोबाइल से होगा सत्यापन: Gas eKYC Deadline से बचने के लिए उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। संबंधित पेट्रोलियम कंपनी के मोबाइल ऐप को डाउनलोड करके कोई भी लाभार्थी घर बैठकर केवल कुछ ही मिनटों में अपना चेहरा या फिंगरप्रिंट स्कैन कर आसानी से सत्यापन पूरा कर सकता है।
सब्सिडी के रूप में सीधा आर्थिक नुकसान: Gas eKYC Deadline की अनदेखी करने पर सामान्य उपभोक्ताओं को प्रति सिलेंडर 79.26 रुपये और उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 300 रुपये का सीधा घाटा झेलना पड़ेगा। बिहार में अकेले इस लंबित प्रक्रिया के कारण करीब 22.98 करोड़ रुपये की मासिक सब्सिडी राशि दांव पर लगी हुई है।
फर्जी कनेक्शनों पर कसेगा शिकंजा: Gas eKYC Deadline समाप्त होने के बाद बिहार एलपीजी वितरक संघ और तेल कंपनियां सख्त कदम उठा सकती हैं। गैर-सत्यापित कनेक्शनों को तुरंत ब्लॉक किया जा सकता है या उन्हें कॉमर्शियल श्रेणी में डाला जा सकता है, ताकि बेनामी और फर्जी सिलेंडर उठाव को पूरी तरह रोका जा सके।





