बयान पर मचा घमासान: Mukesh Khanna Sharmila Tagore के पुराने साक्षात्कार में वंदे मातरम को लेकर दिए गए सुझाव पर आगबबूला हो गए हैं। अभिनेत्री ने केवल शुरुआती छंदों के प्रयोग की बात कही थी, जिस पर गहरा विवाद खड़ा हो गया।
शादी और पहचान पर सवाल: Mukesh Khanna Sharmila Tagore से यह पूछते नजर आए कि क्या इस्लाम धर्म का एहसास उन्हें केवल शादी के बाद हुआ? अभिनेता ने कहा कि पूरी उम्र हिंदू परंपरा में रहने के बाद अचानक दूसरे धर्म की ऐसी चिंता समझ से परे है।
Mukesh Khanna Sharmila Tagore: बंगाल की संस्कृति और आस्था का जिक्र
काली पूजा और बंगाली पृष्ठभूमि: अभिनेता ने अभिनेत्री को याद दिलाया कि वे बंगाल में पली-बढ़ी हैं, जहां काली पूजा अत्यंत भव्य स्तर पर मनाई जाती है। ऐसे में दूसरे समुदाय द्वारा इसे न अपनाने का तर्क देना बेहद हैरान करने वाला फैसला लगता है।
सनातन आस्था पर स्थिति स्पष्ट: हिंदू धर्म के बहुदेववाद पर बात करते हुए उन्होंने समझाया कि 33 करोड़ देवी-देवताओं का अर्थ अनेक ईश्वर नहीं, बल्कि एक निराकार ईश्वर के भिन्न रूप और अवतार हैं।
तुष्टीकरण की नीति पर प्रहार: अंत में अभिनेता ने राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के इर्द-गिर्द जारी बहस को सिद्धांतों की लड़ाई न मानकर केवल तुष्टीकरण की राजनीति करार दिया।







