औपचारिकता बनकर रह गई बैठकें: समिति ने बेहद कड़े शब्दों में चिंता व्यक्त की कि देश के कई इलाकों में ग्राम सभा की बैठकें केवल कागजी औपचारिकता बनकर रह गई हैं और उनमें आम जनता की सीधी भागीदारी लगातार घटती जा रही है।
लोकतंत्र की बुनियाद पर खतरा: रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि ग्राम सभाओं का कमजोर होना संविधान के तहत दिए गए लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की मूल आत्मा पर सीधा प्रहार करता है, जिसे तुरंत रोका जाना बेहद आवश्यक है।
डिजिटल शासन और वित्तीय स्वायत्तता: Panchayat Reforms के नए खाके में वित्तीय स्थिरता बढ़ाने, संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करने, डिजिटल शासन को बढ़ावा देने और आम नागरिकों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया है।
सख्त निगरानी और नया रोडमैप: संसदीय panel ने पंचायती राज मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह राज्यों और विशेषज्ञों के साथ परामर्श कर एक मजबूत प्रदर्शन मूल्यांकन ढांचा विकसित करे, ताकि ग्रामीण भारत में डेटा-आधारित पारदर्शी विकास को नई गति दी जा सके।






