UP Panchayati Raj Department को लेकर लखनऊ के गलियारों से एक ऐसी चौंकाने वाली खबर आ रही है, जिसने सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों और अधिकारियों के बीच भारी हलचल मचा दी है। शासन स्तर पर लिए गए एक बड़े फैसले ने पूरे महकमे का ढांचा बदलकर रख दिया है।
21 नए पदों पर शासन की मुहर UP Panchayati Raj Department में ग्रामीण विकास की रफ्तार को दोगुना करने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शासन ने विभाग में कुल 21 नए प्रथम और द्वितीय श्रेणी के उच्च पदों के सृजन को हरी झंडी दे दी है, जिसके आदेश भी तुरंत जारी कर दिए गए हैं।
पहली बार नियुक्त होंगे 15 DPRO UP Panchayati Raj Department के इतिहास में पहली बार जिला पंचायत संसाधन केंद्रों (DPRC) के संचालन को मजबूत करने के लिए 15 जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) के स्वतंत्र पदों को मंजूरी दी गई है। अब तक इन केंद्रों का अतिरिक्त प्रभार जिलों के मुख्य DPRO के पास ही हुआ करता था।
वित्त विभाग की संस्तुति पर बड़ा फैसला UP Panchayati Raj Department के प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने बताया कि वित्त विभाग की अंतिम संस्तुति मिलने के बाद इन पदों को हरी झंडी दिखाई गई है। प्रदेश के कुल 25 जिलों में गठित जिला पंचायत संसाधन केंद्रों की मॉनिटरिंग को अब इन नए अधिकारियों के जरिए बेहद सख्त बनाया जाएगा।
निदेशालय स्तर पर भी बड़े पदों का सृजन UP Panchayati Raj Department के लखनऊ स्थित मुख्य निदेशालय में भी कार्यभार को सुचारू रूप से चलाने के लिए तीन उप निदेशक (पंचायत) और DPRO वेतनमान के तीन सहायक निदेशक (पंचायत) के पदों को मंजूरी मिली है। इससे मुख्यालय स्तर पर फाइलों का निपटारा बेहद तेजी से होगा।
नियमित तैनाती और नई नियमावली UP Panchayati Raj Department के इन सभी नव-सृजित 21 पदों पर नियमित तौर पर अफसरों की तैनाती की जाएगी। शासन के निर्देशानुसार इन पदों पर भर्ती की पूरी प्रक्रिया पंचायती राज विभाग (समूह ‘क’ और ‘ख’) सेवा नियमावली-2004 के कड़े नियमों के तहत ही पूरी की जाएगी।






